पाटीदारो के इलाके में जाने से डर रहे बीजेपी कार्यकर्ता, मुफ्त में मिल रहे अंडे, टमाटर

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सूरत। इस बार गुजरात के पाटीदारो में बीजेपी का इस कदर विरोध है कि बीजेपी कार्यकर्ता भी पाटीदारो के इलाके में प्रचार करने से तौबा करने लगे हैं। पाटीदार बाहुल्य सोसायटियों में मेन गेट पर ही लगाए गए बैनर बताते हैं कि “इस सोसायटी में बीजेपी कार्यकर्ताओं का वोटों की भीख मांगने आना मना है, यहाँ धारा 144 लगी हुई है।”






इतना ही नहीं गाँव देहात में बीजेपी की गाड़ियों पर अंडे और टमाटर फेंकने की घटनाओं के बाद बीजेपी कार्यकर्ता पाटीदारो के इलाके में घूमने से भी डरने लगे हैं।

सूरत और आसपास के इलाको को पाटीदारो का गढ़ माना जाता है। पाटीदार आंदोलन की बुनियाद इसी इलाके से पड़ी। इसी इलाके ने पाटीदारो में से तलाश कर हार्दिक पटेल को नेता बनाया है। कभी बीजेपी का परम्परागत वोटबैंक माने जाने वाले पाटीदारो का अब बीजेपी से मोह भंग हो चूका है।

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पाटीदारो के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की मांग के लिए शुरू हुए पाटीदार आंदोलन के बाद राज्य की बीजेपी सरकार और पाटीदारो में टकराव शुरू हुआ था। जिसके चलते पाटीदारो पर आंदोलन के दौरान आगजनी तोड़फोड़ के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ न सिर्फ मामले दर्ज हुए वहीँ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हार्दिक पटेल को पहले जेल और बाद में गुजरात से तड़ीपार होना पड़ा था।

विधानसभा चुनावो में पाटीदार किसे अपने समर्थन देंगे इस पर अभी सस्पेंस बरकार है लेकिन इतना तय है कि पाटीदार बीजेपी का विरोध करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल जगह जगह सभाएं कर अपने समुदाय के लोगों से बीजेपी वोट न देने की अपील कर रहे हैं।

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