दिवाली पर पटाखे ना चलाने का संदेश देने वालों के ए.सी. हुए बंद, अब माँग रहे हैं माफी

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दिल्ली. दिवाली का महीना आते ही लोग अचानक ही पर्यावरण प्रेमी बन जाते हैं। साल भर भले ही एक पेड़ ना लगाएँ ना एक दिन बिना ए.सी. के गुज़ारें। दिवाली होली आते ही उन्हें अचानक याद आने लगता है कि पटाखे जलाने से पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है।

लाजपत नगर में रहने वाली रिया शर्मा भी पिछले कई दिनों से लगातार सोशल मीडिया पर पटाखों के खिलाफ मुहिम चला रही थी। लगभग रोज़ ही इस बारे में पोस्ट डालती। अपने घर और परिवार वालों को भी उसने पटाखे ना फोड़ने के लिये मना लिया।

रिया के घर का खराब ए.सी.
रिया के घर का खराब ए.सी.

दिवाली वाले दिन उसने ना तो पटाखे जलाए और ना ही अपनी कॉलोनी में किसी को जलाने दिये। यहाँ तक की उसने मोमबत्तियाँ भी बुझा दी। पड़ोस वाले अंकल के बच्चे जब चिंटु और मंटु पटाखे जलाने आए तो रिया ने उन्हें भी रोक दिया। रिया ने बच्चों से कहा “देखो बेटा आप ये बम फोड़ोगे तो शोर होगा और धुँआ भी होगा कल जब हम लोग उठेंगे तो साँस लेने में तकलीफ होगी इसलिये आप पटाखे मत फोड़ो।”

रिया की बात मानकर दोनों ने पटाखे कचरे में फेंक दिये। अगले दिन जब रिया सोकर उठी तो कमरे का ए.सी. नहीं चल रहा था| रिया ने ए.सी. कम्पनी वालों को बुलाकर उसकी मरम्मत करवाई फिर भी वह ठीक नहीं हुआ| कुछ देर बाद उसने देखा कि घर का एक भी ए.सी. काम नहीं कर रहा था।

वह आशचर्य में पड़ गई कि ऐसा कैसे हो रहा है। परेशान होकर उसने फेसबुक पर पोस्ट डाला कि “नो ए.सी. नो चिल।” तभी पडोस के चिंटु और मंटु ने आकर बताया कि “दीदी कल आपने कहा था ना कि पटाखों से ओज़ोन लेयर कम हो रही है, आज हमें टीचर ने बताया कि ए.सी. चलाने से ज्यादा बुरा असर पड़ता है तो हमने आपके घर के सभी ए.सी. के तार काट दिये।”

इतना सुनते ही रिया गुस्से में तमतमा उठी “यु स्टुपिड मोरॉन्स से क्या कर दिया तुमने।” रिया की काफी कोशिशों के बाद भी ए.सी. ठीक नहीं हुआ उसे अपने घर के सारे ए.सी. बदलने पड़े। अब उसने कसम खाई है कि अगले साल से किसी को पर्यावरण पर प्रवचन नहीं देगी।

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