गुजरात में मुसलमान बने विधायक, पिछले चुनावों के मुकाबले में दोगुनी हो गई है मुस्लिम विधायकों की संख्या

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इस बार के गुजरात विधानसभा चुनावों 4 मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर आए हैं। पिछले चुनाव के मुकाबले  इस बार संख्या दोगुनी हो गई है। बता दें की 2012 में दो मुस्लिम उम्मीदवार जीत दर्ज़ कर पाए थे। लेकिन इस बार चार उम्मीदवारों ने जीत दर्ज़ की है।

गुजरात में पिछले चुनावों के मुकाबले में दोगुनी हो गई है मुस्लिम विधायकों की संख्या.

कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में छह मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था जिसमें से चार उम्मीदवारों ने जीत दर्ज़ की है। जबकि दो उम्मीवार हारे हैं। पिछली बार गयासुद्दीन शेख अहदाबाद के दरियापुर से और पीरजदा राजकोट की वानकानेर सीट से चुनाव जीते थे। इस बार भी दोनों उम्मीदवारों ने अपनी जीत दर्ज की है।

इसके अलावा डासडा से नौशादजी और जमालपुर खाड़िया से इमरान युसुफ भाई ने भी जीत दर्ज की है। नौशादजी ने 844 वोट तो इमरान ने 29339 वोटों से जीत दर्ज की है। गुजरात में इस बार भी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार बनाई है हालाँकि, गुजरात में भी बाकि राज्यों की तरह इस बार भी हिन्दू-मुस्लिम और पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर राजनीति हुई।

गुजरात में पिछले चुनावों के मुकाबले में दोगुनी हो गई है मुस्लिम विधायकों की संख्या-01

विकास और रोजगार के मुद्दों पर बहस नहीं हुई, लेकिन फिर भी गुजरात में भाजपा की सरकार बन गई। सूरत में जिस तरह नोटबंदी और जीएसटी का भारी विरोध हुआ था उसके बावजूद भी सूरत में 16 में से 15 सीट भाजपा ने अपने खाते में जमा की। जिस कारण ईवीएम को लेकर फिर से सवाल उठाये जा रहे हैं।

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