गुजरात चुनाव : शरद यादव के 5 उम्मीदवारों में से 2 की धमाकेदार जीत, नीतीश के सभी 38 उम्मीदवारों की जमानत जब्त

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गुजरात विधानसभा चुनाव में सिर्फ भाजपा और कांग्रेस की लड़ाई नहीं थी बल्कि देश के दो दिग्गज नेताओं के जनसमर्थन की भी जोर-आजमाइश थी । बिहार में महागठबंधन से अलग होने के बाद नीतीश और शरद यादव के बीच तल्ख हुए रिश्ते किसी से छुपे हुए नहीं है और यह तल्खी गुजरात चुनाव में भी देखने को मिली ।

नीतीश के पास जदयू पार्टी और उसका चुनाव चिह्न था मगर शरद यादव के पास जमीनी नेता और कार्यकर्ता रहे। यही जोर-आजमाइश गुजरात विधानसभा चुनाव में की गई।

नीतीश ने अपने पार्टी और निशान के साथ 38 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा , सभी की जमानत जब्त हो गई , कुल 38 उम्मीदवार मिलकर महज 28000 वोट हासिल कर सके।

दूसरी तरफ शरद ने अपने 5 उम्मीदवार मैदान में उतारे, जिनमें 2 उम्मीदवारों की धमाकेदार जीत हुई। और गुजरात में कुल 5 सीटों पर 222 694 वोट मिले।

आदिवासियों के बड़े नेता छोटू भाई वसावा ने भाजपा उम्मीदवार को लगभग 49,000 वोटों से हराया। भरुच के झगड़िया विधानसभा से लगातार 7 वीं बार चुने जाने वाले छोटूभाई वसावा पहले जिस जदयू से विधायक थे, नीतीश ने उसी पार्टी से उनके खिलाफ उन्हीं के नाम का उम्मीदवार भी उतारा। लेकिन उसकी जमानत ज़ब्त हो गई और नोटा से भी कम वोट मिले।

छोटूभाई वसावा के बेटे महेशभाई वसावा भी शरद यादव समर्थित नई बनी भारती ट्राइबल पार्टी से नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा विधानसभा से मैदान में थे और अपने प्रतिद्वंदी से 21751 वोटों से जीत दर्ज की।

दरअसल चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने नई बनी भारतीय ट्राइबल पार्टी से गठबंधन करते हुए 5 सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे, जिसके एवज में भारतीय ट्राइबल पार्टी ने भी अन्य आदिवासी बहुल सीटों पर कांग्रेस का साथ दिया।

Courtsey: Bolta Hindustan

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