गुजरात के खाने में ‘मिठास’ है लेकिन PM मोदी के बोलने में हमेशा ‘कड़वाहट’ क्यों होती है : आनंद शर्मा

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गुजरात चुनाव में भाषा पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। राजनीति में गरिमा काफी मायने रखती आई है लेकिन अब सारी बनाई लकीरें टूट रही हैं।

सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के अंदर बर्दाश्त करने की क्षमता खत्म होती जा रही है। तभी प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री व प्रवक्ताओं की फौज बेमर्यादित भाषा के लिए काफी आगे निकलती जा रही है।

विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रधानमंत्री की गरिमा की दुहाई दे रहे हैँ। कांग्रेस का कहना है कि, शायद नरेंद्र मोदी चुनाव जीतने के लिए पीएम की गरिमा को तार-तार कर रहे हैँ।




वहीं भाजपा नेताओं व प्रवक्ताओं ने भी राजनीति में भाषा की शालीनता को उतारकर फेंक दिया है। जीवीएल से लेकर संबित पात्रा इसके उदाहरण हैँ।

लेकिन कांग्रेस हमेशा जनता और भाजपा नेताओं से मर्यादा न भूलने की बात दोहरा रही है। गुजरात दौरे पर पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि, गुजरात आया हूँ, यहां की खूशबू में भी मिठास है। खाने में भी मिठास है लेकिन गुजरात के रहने वाले प्रधानमंत्री मोदी की भाषा में मिठास क्यों नहीं है ?

प्रधानमंत्री मोदी जब भी बोलते हैं तो कड़वा क्यों बोलते हैँ। क्या वह ऐसा सिर्फ चुनाव जीतने के लिए करते हैं ?

आपको बता दें कि, गुजरात में 22 साल से सत्ता पर काबिज भाजपा की राजनीतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है। कांग्रेस के नवसृजन नारे पर गुजरात की जनता काफी भरोसा दिखा रही है। इसलिए शायद मोदी सरकार काफी विचलित नजर आ रही है।

Courtsey: Bolta Hindustan

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