गुजरात: कम सीटों के बाद बीजेपी के सामने नई मुश्किल, गंवानी पड़ेंगी दो राज्य सभा सीटें

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गुजरात चुनाव में कांग्रेस के साथ कड़े मुकाबले में जीत भले बीजेपी के हाथ लगी हो लेकिन लेकिन अगले साल मार्च में 14 राज्यों के 50 से ज्यादा सदस्यों के चुनाव के लिए होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में पार्टी अपनी 2 सीटें बरकरार नहीं रख पाएगी. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, 2 अप्रैल 2018 को राज्यसभा के 4 राज्यसभा सदस्य रिटायर हो जाएंगे.

गुजरात विधानसभा चुनावों में 99 सीट जीतकर सत्ता में वापसी करने वाली बीजेपी सिर्फ 2 ही सीटें जीत पाएगी. बाकी दो सीटें कांग्रेस के पास जाएंगी. बता दें कि गुजरात में राज्यसभा की एक सीट के लिए 36 विधायकों का वोट जरूरी होता है.

 

 

 

बीजेपी के जो सदस्य आने वाली अप्रैल में रिटायर होंगे उनमें अरुण जेटली, पुरुषोत्तम रुपाला, मनसुख मंडाविया और शंकरभाई वेगाद के अहम नाम हैं. इस वक्त 11 राज्यसभा सदस्यों वाले गुजरात में बीजेपी के 9 सांसद हैं. अगले साल द्विवार्षिक चुनावों के बाद बीजेपी के सिर्फ 7 राज्यसभा सांसद रह जाएंगे. मालूम हो कि यूपी-महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी राज्यसभा में मजबूत हुई है. बीजेपी को यूपी से 7 और महाराष्ट्र से 2 सीटें मिलेंगी. इस वजह से एनडीए सांसदों की सूची अगले साल बढ़कर 100 हो जाएगी जो इस वक्त 84 है.

हिमाचल में जीत से बीजेपी राज्यसभा में अपनी सीट बचा लेगी. 2 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश से बीजेपी के राज्यसभा सांसद और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा रिटायर हो रहे हैं.

बता दें कि गुजरात में पिछले 4 दशक में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी पार्टी या गठबंधन की सरकार 100 से कम विधायकों के साथ बन रही है. इससे पहले 1975 में ऐसा हुआ था, जब डबल डिजिट के आंकड़े के साथ कांग्रेस राज्य की सत्ता में आई थी.

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2002 में पहली बार गुजरात विधानसभा के चुनाव हुए थे. तब बीजेपी को सबसे ज्यादा 127 सीटों पर जीत मिली थी. इसके बाद से ही पार्टी की सीटें लगातार कम ही हो रही हैं. बीजेपी ने 1998 में 117, 1995 में 121 सीटें जीती थीं. 2007 के चुनाव में भी बीजेपी को 117 और 2012 में 116 सीटें मिली थीं.

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