गाय का मूत्र पी सकते है लेकिन दलित के हाथ से पानी नहीं, इसीलिए मेने हिन्दू धर्म छोड़ इस्लाम कुबूला

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इस्लाम मज़हब में नहीं सिखाया जाता की किसी को भी इस मज़हब में ज़बरदस्ती जोड़ा जाए बल्कि इस मज़हब में सिखाया जाता है कि किसी के साथ भी किसी तरह की कोई ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं की जाए अगर कोई इस्लाम में आना चाहता है तो वो अपनी मर्ज़ी से अगर आ रहा है तो आ सकता है अगर कोई उसके साथ ज़बरदस्ती कर रहा है तो उसे इस्लाम मज़हब स्वीकार नहीं करता।

जी हाँ आपको बतादे कि एक लड़की ने पहले इस्लाम अपनाया और अपना नाम मरियम रखा, मरियम से इस्लाम को कुबूल करने की वजह जानी तो उस लड़की ने जो कहा आप खुद सुन सकते है। उस लड़की ने आगे कहा जब गौ मूत्र को पवित्र मान कर पी सकते हैं तो दलितों के हाथ का छुआ हुआ पानी क्यों नहीं पी सकते।

आगे मरियम ने बताया की इस्लाम की तस्वीर सिर्फ आतंकवाद ही नज़र आती थी। तो मैने इस्लाम को करीब से जानने की कोशिश की। तो पाया इस्लाम पूरी दुनिया का सबसे अच्छा मजहब बताया। इस्लाम अमन शांति का मजहब है। इस्लाम में महिलाओं को सबसे ज्यादा हक़ दिए गए है।

इस्लाम में न किसी को सताया जाता है और न ही किसी को मारा जाता है बल्कि इस्लाम मज़हब शांति का मज़हब है. इसीलिए जो इसको क़ुबूल करता है वो इसकी कभी बुराई नहीं बल्कि अच्छे ही करता है

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