अरविन्द ने कहा था मारेंगे मगर शहीद नहीं होने देंगे, मुझे शहादत मंज़ूर : कुमार विश्वास

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कुमार विश्वास ने दो टूक कहा कि यह नैतिक रूप से एक कवि की, एक आंदोलनकारी की और एक क्रांतिकारी की जीत है.

दिल्ली, 3 जनवरी: आम आदमी पार्टी के बाग़ी सुरों वाले नेता कुमार विश्वास ने राज्य सभा के लिए अपनी उम्मीदवारी ख़ारिज होने और बड़ी बेरहमी से पत्ता कट जाने का दर्द और नाराज़गी खुल कर ज़ाहिर की, लेकिन अपने ही चुटीले अंदाज़ में. केजरीवाल पर व्यंग करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे बुला कर अरविन्द ने कहा था कि आपको मारेंगे मगर शहीद नहीं होने देंगे, मैं अपनी शहादत स्वीकार करता हूँ.

बुधवार को जब आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस में ये औपचारिक ऐलान कर दिया कि राज्यसभा के लिए संजय सिंह के अलावा नारायण दस गुप्ता और सुशील गुप्ता को उम्मीदवार बनाया गया है तो कुमार विश्वास और आशुतोष के नाम को लेकर चल रही अटकलें ख़त्म हो गयीं.

आशुतोष की प्रतिक्रिया तो सामने नहीं आयी लेकिन कुमार विश्वास अपने दिल का गुबार निकालने से नहीं चूके. उन्होंने अरविन्द केजरीवाल पर सीधा निशाना साधते हुए तीखा हमला बोला.

कुमार विश्वास ने कहा,” पिछले डेढ़ वर्ष से अरविन्द केजरीवाल के कई निर्णय चाहे वो सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में हो, या पार्टी में आंतरिक भ्रष्टाचार से आँख मूंदना हो या पंजाब में अतिवादियों के प्रति नरम रहना हो, चाहे टिकट वितरण में गड़बड़ियां मिली, पारदर्शिता की शिकायत हो, कार्यकर्ता की उपेक्षा हो . सैनिक का विषय हो या जे एन यू  का, मैं ने जो जो सच बोला आज उसका पुरस्कार मुझे दंड स्वरुप दिया गया”

कुमार विश्वास ने अरविन्द केजरीवाल पर व्यंग बाणों की बौछार कर दी.  उन्होंने कहा कि यह नैतिक रूप से उनकी जीत है. मीडिया से बात करते हुए कुमार विश्वास ने दो टूक कहा कि यह नैतिक रूप से एक कवि की, एक आंदोलनकारी की और एक क्रांतिकारी की जीत है.

कुमार विश्वास ने नारायण दास गुप्ता और सुशील गुप्ता को राज्य सभा उम्मीदवार बनाये जाने पर भी अपने खास जाने पहचाने व्यंग्यात्मक लहजे में टिप्पणी की. उन्होंने चुन-चुन कर केजरीवाल पर ताने  मारे कि अरविन्द ने ‘ 40  साल से मनीष के साथ काम कर रहे और पांच साल से आम आदमी पार्टी की आवाज़ बने हुए सुशील गुप्ता जी और नारायण दास गुप्ता को राज्य सभा भेजने का फैसल किया है इसके लिए अरविन्द और पार्टी के कार्यकर्त्ता बधाई के पात्र हैं. इन दोनों महान क्रांतिकारियों को शुभकामनायें ”

हालाँकि उन्होंने इशारों इशारों में यह भी साफ़ कर दिया कि नाराज़गी के बावजूद वो फिलहाल पार्टी नहीं छोड़ने जा रहे हैं. केजरीवाल पर व्यंग करते हुए उन्होंने कहा मुझे बुला कर अरविन्द ने कहा था कि आपको मारेंगे मगर शहीद नहीं होने देंगे.

कुमार विश्वास ने कहा-

“सबको लड़ने ही पड़े अपने-अपने युद्ध

चाहे राजा राम हों, चाहे गौतम बुद्ध”

पार्र्टी के कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के अलावा मीडिया में भी इन दो नामों को लेकर ताज्जुब जताया जा रहा है कि पार्टी में इनका योगदान क्या है? एक दौर में अरविन्द केजरीवाल के करीबी लेकिन बाद में कट्टर विरोधी बने दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने तो इस फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया में यहाँ तक कह दिया कि अरविन्द केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी का पिंड दान कर दिया है.

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