अगर नहीं करेंगे नौकरी के झूठे वादे तो कैसे देगी जनता हमें नौकरी – उपराष्ट्रपति वेंकेया नायडू के इस बयान से साफ़ होती है सरकार की नीयत

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नरेंद्र मोदी सरकार को केंद्रीय सरकार के तौर पर सत्ता में आये 4 साल पुरे होने वाले है| हजार दावो और वादों के साथ विकास की राह पर ले जाकर युवाओं को रोजगार देने का वादा जो पीएम मोदी और उनकी सरकार ने किया था उसे पूरी करने में नाकाम रही सरकार देश में चारों तरफ बेरोजगारी के मसले पर घिरती नजर आ रही है।

इस बीच पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार को लेकर ‘पकौड़ा तलने’ का उदाहरण क्या दिया कि देश में ‘पकौड़ा’ सबसे हॉट मुद्दा बन गया है सोशल मीडिया पर यही बहस ट्रेंड कर रही है। पीएम को तरह-तरह से ट्रोल किया जा रहा है। पकौड़े पर जारी घमासान के बीच देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि देश में हर किसी को नौकरी नहीं दी जा सकती।रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरियों को लेकर नीति आयोग और सीआईआई के कार्यक्रम में बोलते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने दो टूक कह दिया कि क्या इस देश में हर किसी को नौकरियां दी जा सकती हैं?

नायडू ने कहा कि हर किसी को नौकरी नहीं दी जा सकती, लेकिन चुनाव के दौरान हर सरकारें ऐसा वायदा करती हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकारें ऐसा वायदा ना करें तो जनता उन्हें नौकरी नहीं देगी।इतना ही नहीं नायडू ने यह भी कहा कि जो काम किसी पर निर्भर है वह अपने आप में एक काम है और इसलिए पकौड़ा बनाना भी एक काम है। बता दें कि समाचार चैनल जी न्यूज को दिये साक्षात्कार में जब पीएम मोदी से अपर्याप्त नौकरी सृजन के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि अगर जी टीवी के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं?

पीएम मोदी के इस बयान पर हो रही किरकिरी से सरकार बचने की हर संभव कोशिश कर रही है, परन्तु उनकी पार्टी के नेता और अध्यक्षों द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे बयान जाने अनजाने में ही सही पर भाजपा सरकार की नीयत को साफ़ करते है जिसके बाद अब सरकार से किसी तरह की कोई उम्मीद रखना किसी बेवकूफी से कम नहीं लगता|

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